अभी-अभीः रंजीत रंजन की गृह मंत्री से मांग- देशभर के NGO की हो जांच, हर जगह होते हैं गलत काम

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नई दिल्ली:  मुजफ्फरपुर बालिका गृह का मुद्दा लोकसभा में उठाने के बाद कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच से पहले सबूतों को गायब किया गया। बालात्कार के मामले में न सदन और न ही बाहर के लोग गंभीर हैं। सिर्फ कानून बनाने का काम किया जा रहा है। दोषियों को सजा दिलाने को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है।




उन्होंने कहा कि  तंत्र, सिस्टम और पोलिटिशियन सब भ्रष्ट हो गए हैं। जात, पार्टी  और रिलेशन देखकर आरोपियों को बचाया जा रहा है। इस तरह रेपिस्ट को बचाने पर सदन क्या करेगा। मैंने आज सदन में यही गुस्सा दिखाया। उन्होंने कहा कि मैंने ये मामला पहले भी उठाया मगर इसका मतलब ये नहीं है कि एक बार मामला सदन में उठा दिया और काम खत्म। मैं गृह मंत्री से मांग करती हूं कि उन पीड़ित बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी गृह मंत्री से कहा था कि पीड़ित बच्चियों को बिहार से बाहर किया जाए, ताकि उनकी सुरक्षा हो सके। आज बच्चियां गयब हो रही हैं। रेपिस्ट को रेपिस्ट नहीं बताया जा रहा है।  गवाह गायब हो रहे हैं। ऐसे में किसको और कैसे इंसाफ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 14 बाकी एनजीओ के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हो रही है। रिपोर्ट को गायब कर दिया गया है।




उन्होंने गृह मंत्री से पूछा कि सीबीआई जांच से पहले गवाहों का गायब कर दिया गया। क्रिमनल लॉ और सदन आरोपियों को सजा कैसे दिला सकता है। गृह मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। मैं ये मुद्दा उठाती रहुंगी भले ही मुझे चुनाव न लड़ने दिया जाए। उन्होंने कहा कि देशभर में एनजीओ की जांच होनी चाहिए। ये संस्थान वैश्यावृत्ति का अड्डा बन गए हैं। इसके साथ बिहार 14 एनजीओ की भी जान होगी चाहिए जिनके नाम रिपोर्ट में है। उन्होंने कहा कि ये मुद्दा सिर्फ बालिका गृह का नहीं है। बाल गृह में भी इस तरह की घटनाएं होती है।




इससे पहले रंजीत रंजन ने लाेकसभा में बोला कि बिहार सरकार ने सीबीआई जांच से पहले इस मामले से जुड़े सबूतों को मिटाने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग ने दो महीने तक मामले को दबाए रखा। इस मामले में 31 मई को एफआईआर दर्ज हुई मगर एफआईआर दर्ज होने से ठीक दो दिन पहले मजफ्फरपुर बालिका गृह से बच्चियों को हटा दिया गया।

Source: Live Bihar

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