बाबा गरीबनाथ मंदिर: जानिए इसके इतिहास से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

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उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में अवस्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर स्थित है। इस मंदिर से जुड़ी आस्था एवं विश्वास लोगों में दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पूर्व में यह मंदिर एक छोटे से भवन में अवस्थित था। वर्तमान में इस मंदिर का भव्य भवन निर्माण किया गया। एवं अनेकों देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा कर मूर्ति स्थापित की गयी।

यहाँ शिव अपने परिवार के साथ विराजते हैं। सुर्ज, राधा कृष्ण, एवं भक्त वत्सल हनुमान भी विराजते हैं। नंदी, बाबा के गर्वगृह के मुख्य द्वार पर विराजते हैं।
बाबा गरीबनाथ मंदिर से जुड़े ऐतेहासिक तथ्य।

अब आईये जानतें हैं उत्तर बिहार का देवघर कहा जाने वाला बाबा गरीबनाथ मंदिर से जुड़े हुए कुछ ऐसे तथ्य हैं जो शायद आप नहीं जानतें होंगे।

पुराने समय की बात है, गरीबनाथ का मंदिर वर्तमान में जहां अवस्थित है, उस जमीन का मालिक आर्थिक तंगी में किसी दूसरे के हाथ बेच दिया। उसी जमीन में एक बरगद का पेड़ भी था, जो अभी भी मौजूद है। जमीन के नए मालिक ने कुछ मजदूरों को बुलाकर उक्त बरगद के पेड़ को कटवाना शुरू किया। बरगद के जड़ में कुल्हाड़ी से प्रहार करने पर, लाल लाल पानी बहने लगा। जो रक्त के समान था। मजदूर लोग डर कर जमीन के मालिक को सुचना दी और कार्य छोर दिया। जमीन मालिक के आने के बाद जब खुदाई की गयी तो एक शिवलिंग मिला, जो विछत हो गया था।

जमींदार ने भी आगे का काम बंद करवा दिया। उसी दिन रात में जमींदार को स्वप्न में बाबा गरीबनाथ उपस्थित होकर उन्हें बताया की मेरा एक भक्त जो छपरा जिला का निवासी है और उसका नाम शिवधारी पाठक है, को बुलाकर मेरी स्थापना करवाओ। चुकी मेरी खोज एक गरीब मजदूर के द्वारा किया गया इसलिए मैं यहाँ गरीबनाथ के रूप में विराजमान रहूँगा। यह सत्य है।

ऐसे तो प्रतिदिन बाबा के मंदिर में सुबह शाम पूजा और श्रृंगार का आयोजन होता है। स्थानीय सैकड़ों निवासी प्रतिदिन सुबह शाम बाबा की पूजा करते हैं। विशेष कर श्रावण मास में पहलेजा घाट से गंगा का जल लेकर कावरियां गण पचपन किलोमीटर पैदल चलकर बाबा को जलाभिषेक करते हैं। बाबा इनके मनोकामना की पूर्ति करते हैं। साल दर साल कावरियों की संख्या लाखों में बढ़ती जा रही है।

Source: Muzaffarpur Now

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