चैत्र नवरात्रि 2019: होली के तुरंत बाद शुरु होगा देवी शक्ति का पवित्र त्योहार

0
216

शीतला और भगवती दुर्गा के दिन अब होली के बाद प्रारंभ हो जाएंगे। शीतला माता की पूजा चैत्र कृष्ण पक्ष में देश भर में की जाएगी। 6 अप्रैल से चैत्र नवरात्र प्रारंभ होंगे।

इस बार रंगों का त्यौहार होली के बाद रंग पंचमी तक भी चलता रहेगा। देश के अनेक भागों में होली का समापन फाग के दिन नहीं, अपितु रंग पंचमी पर होता आया है।

फागुन मास में वासंती उन्माद बसंत पंचमी से ही शुरु हो जाता है। उसी दिन होली पर जलाने वाले ध्वजों की स्थापना देश के तमाम नगरों और गांवों में की जाती है। बसंत का उल्लास चैत्र नवरात्र तक चलता रहता है।

फागुन के कृष्ण और शुक्ल पदों में अनेक आराधना पर्व पड़ते हैं। आरंभ में महाशिवरात्रि तक शिव और शक्ति की आराधना एक साथ ही जाती है। होली तक फागुनी उन्माद देश पर छाया रहता है। इन्हीं दिनों में पतझड़ शुरु होता है और पतझड़ बीतने पर पुरवा हवाएं बसंत ले आती हैं।

कुंभ संक्रांति से दो महीने चलने वाली बसंत ऋतु भी प्रारंभ हो चुकी है। इस मौसम में कड़ाके की ठंड लाने वाला 40 दिनों का चिल्ला समाप्त हो जाता है। साथ ही बसंती हवाएं मौसम को बदल देती हैं। तीन दिन बाद 14 मार्च को सूर्य के मीन राशि में आते ही मौसम एक बार तेजी से बदलना शुरु हो जाएगा। लोगों के गर्म वस्त्र उतर जाएंगे और फागुनी हवाएं तेज गति से चलने लगेंगी।

होली के तत्काल बाद देश के तमाम भागों में भगवती के शीतला रूप की पूजा प्रारंभ होगी। इस पूजा में डाकिनी, शाकिनी और पिशाचिनी की पूजा का भी शास्त्रीय विधान भारतीय धर्म शास्त्रों में बताया गया है। देश के तमाम शीतला मंदिरों में मेले लगेंगे। वर्तमान संवत्सर 5 अप्रैल को अमावस्या के पितृ तर्पण के साथ समाप्त हो जाएगा। 6 अप्रैल से चैत्र नवरात्र प्रारंभ होंगे। दुर्गाष्टमी से अगले दिन भगवान राम का जन्मोत्सव रामनवमी के रूप में मनाया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here