IPS सौम्या जिन्होंने पब्लिक के बीच रौब झाड़ रहे विधायक को जड़ा थप्पड़-दिखाई वर्दी की असली ताकत

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देश की बागडोर असल मायने में अफसरों के हाथों में होती है। यदि नौकरशाही दुरुस्त हो तो कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद रहती है। जिस तरह से भ्रष्टाचार का दीमक नौकरशाही को खोखला कर रहा है, लोगों का उस पर से विश्वास उठता जा रहा है। लेकिन कुछ ऐसे भी अफसर हैं, जो देश सेवा का जुनून लिए नौकरशाही की साख बचाए हुए हैं।

आज हम आपको IPS सौम्या के बारे में बता रहे हैं। बायो स्ट्रीम से ग्रेजुएट सौम्या एमबीए कर चुकी हैं। उन्होंने मल्टीनेशनल बैंक में भी नौकरी की है। सौम्या लेखिका बनना चाहती थी। सौम्या इससे पहले सिरमौर में बतौर एसपी तैनात थी। इससे पहले उनकी शिमला में बतौर एएसपी भी तैनाती हो चुकी है। सौम्या के बारे में कहा जाता है कि साल 2006 में एक प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक विधायक को उनके खराब बर्ताव के चलते थप्पड़ जड़ते हुए जेल भेज दिया था। आईपीएस अफसर सौम्या ने कई ऐसी उपलब्धियों को हासिल किया है, जिससे हिमाचल प्रदेश पुलिस ने खूब सुर्खियां बटोरीं हैं।

खास स्प्रे बनाने की देती हैं ट्रेनिंग : सौम्या है जो लड़कियों को मनचलों से बचने के गुर सिखाती हैं। वह लड़कियों को एक खास स्प्रे का इस्तेमाल करना सिखाती हैं, जिसके असर से मनचले करीब आधे घंटे तक आंखें नहीं खोल सकते हैं। दरअसल स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सौम्या लड़कियों को खास तरह का स्प्रे बनाने की ट्रेनिंग भी देती हैं। मिर्च, रिफाइंड और नेल पेंट से बना यह स्प्रे मनचलों को सबक सिखाने के लिए काफी है। बताते चलें कि सौम्या सांबशिवन को एक दबंग कॉप के रूप में जाना जाता है। दरअसल आईपीएस अफसर सौम्या को शिमला की जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब यहां गुड़िया गैंगरेप-मर्डर केस की वजह से कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। मूल रूप से सौम्या केरल की रहने वाली हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी हैं। उनके पिता इंजीनियर थे।

निडर अफसरों में होती है सौम्या की गिनती : आईपीएस सौम्या सांबशिवन की गिनती सूबे के निडर अफसरों में होती है। सिरमौर में ड्रग्स, शराब और मानव तस्करी के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने का श्रेय इन्हीं महिला अफसर को जाता है। वहीं एसपी सिरमौर रहते हुए उन्होंने ब्लाइंड मर्डर के कई मामलों को भी बखूबी सुलझाया। खूंखार अपराधियों को पकड़ने के मामले में भी सौम्या आगे हैं। उन्होंने तिहाड़ से रिहा हुए एक ऐसे पेशेवर अपराधी को गिरफ्तार किया था जो कत्ल के आरोप में खुला घूम रहा था। अपने नाम की तरह ही सौम्य व्यवहार की वजह से आईपीएस अफसर सौम्या सांबशिवन की कार्यशैली का समूचा हिमाचल पुलिस महकमा कायल है।

Sources:-Live News

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