नाइट में ड्यूटी करता था और दिन में करता था जासूसी

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स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने जासूसी के आरोप मेें जालंधर कैंट में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस (एमईएस) में तैनात मेट इलेक्ट्रीशियन राम कुमार (35) को गिरफ्तार किया है। इलेक्ट्रीशियन राम को फेसबुक के जरिये पाकिस्तान की महिला एजेंट ने हनी ट्रेप में फंसा कर जासूस बनाया है।

जालंधर कैंट में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेस (एमईएस) में तैनात मेट इलेक्ट्रीशियन राम कुमार 2013 में हैंडीकैप कोटा में भर्ती हुआ था। उसके हाथ की तीन उंगलियां कटी हुई हैं। खुफिया एजेंसी ने राम कुमार के सरकारी क्वार्टर की सर्च की है। गिरफ्तारी की सूचना कैंट में गैरीजन इंजीनियर (ईस्ट) अरविंद कुमार को दे दी गई। राम के अरेस्ट के बाद इंटेलीजेंस विंग हरकत में आ गया है।

आरोपी को जासूसी के बदले मिलती थी इतनी पेमेंट
पुलवामा अटैक के बाद राम सेना के जिन-जन संवेदनशील इलाकों में गया वहां के सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं। सेना ने अपने स्तर पर साइबर कैफे ट्रेस कर लिया है, जहां वह इंटरनेट का इस्तेमाल करता था। जल्द ही टीम साइबर कैफे जाकर जांच करेगी। सेना के इंटेलीजेंस विंग ने जब राम के सैलेरी अकाउंट की जांच की तो उसमें 25 हजार रुपए की एंट्री मिली है। इंटेलीजेंस बैंक से पता लगा रही है कि पैसा कहां से आया था। उधर, राम प्राथमिक पूछताछ में मान चुका है कि उसे जासूसी के बदले पेमेंट मिलती थी। महिला एजेंट ने ही उसका बैंक अकाउंट मांगा था। जिसमें पहली बार 25 हजार रुपए आए थे। मगर बाद में उसे पेमेंट हवाला के जरिए ही मिली थी, क्योंकि आईएसआई ने कहा था- बैंक में पैसे भेजने पर वो फंस सकता है।

नाइट ड्यूटी करता था तो दिन में जासूसी
स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम ने 30 मार्च 2018 को मोगा के गुरु अर्जुन नगर के रहने वाले रवि कुमार को जासूसी के केस में पकड़ा था। रवि के कब्जे से सेना के ख़ुफिया डॉक्यूमेंट और सेना के नक्शे मिले थे। पुलवामा अटैक के बाद सीमा पर तनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई थीं। खासकर राज्य की ख़ुफिया एजेंसियां। टीम रवि से जुड़े हर शख्स को जांच के दायरे में लेकर आई थी। रवि की कॉल डिटेल से राम कुमार का मोबाइल नंबर मिला था। ख़ुफिया एजेंसी ये पता कर रही थीं कि राम कुमार कौन है। इस बीच पता चला था कि वह सेना में है। जिसके बाद टीम ने राम कुमार को लेकर जांच शुरू की जिसमें राम की गतिविधियां संदिग्ध लगी। वह नाइट ड्यूटी करता था तो दिन में जासूसी। इनपुट मिली थी कि राम कुमार ब्यास में सेना छावनी एरिया में देखा गया है तो टीम ने रेड कर उसे पकड़ लिया। राम ने माना कि वह रवि को जानता था। रवि की तरह वह एक साल से ज्यादा से पाक के लिए जासूसी कर रहा है। उधर, राम सेना के नलवा रोड पर सरकारी क्वार्टर में रहता था। जब भास्कर टीम घर पहुंची तो उसे खुफिया एजेंसी ने सील कर रखा था। पड़ोसी कहते हैं- राम के जासूस निकलने के लेकर सब हैरान हैं। राम की ज्यादातर ड्यूटी नाइट ही होती थी। यहां वह अकेला ही रहता था। उसे कोई मिलने नहीं आता था।

पाक ऐजंसी आईएसआई के ऑफिसर राम से ले रहे सेना के बारे जानकारी
पुलवामा अटैक के बाद आईएसआई के ऑफिसर सीधे तौर पर राम कुमार से फोन पर बात कर जालंधर कैंट में जंग को लेकर सेना से जुड़े इनपुट शेयर कर रहे थे। पुलिस बरामद फोन की फोरेंसिक जांच करवा रही है, जबकि उसके 4 मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है, ताकि पता किया जा सके कि राम कहीं पाक से जुड़े समर्थकों से तालमेल तो नहीं कर रहा था। एजेंसियां पता करना चाहती है कि पाक को कौन-कौन सी सूचना भेजी हैं। राम को आईएसआई जासूसी के बदले हवाला के जरिए पेमेंट दे रही थी। राम फाजिल्का का रहने वाला है। राम से देश की सभी एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं, ताकि पता चल सके कि उस जैसे और कितने जासूस सेना में छुप कर बैठे हैं।

 

राम से जुड़े हर शख्स से पूछताछ करेगी इंटेलीजेंस…
सेना ने 15 फरवरी से लेकर अब तक राम कुमार की हर मूवमेंट को लेकर सीसीटीवी कैमरे की जांच के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। छावनी के एंट्री प्वांइट पर लगे कैमरे भी खंगाले जा रहे, ताकि पता चल सके कि वह कब कैंट से बाहर जाता था और कितनी देर में आता था। सेना के एक अधिकारी ने कहा- राम से जुड़े हर शख्स को जांच के दायरे लाया गया है। राम के सेना में दोस्त कौन थे, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।

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