बिहार का शनिचरा भोजन, दोपहर की खिचड़ी, और शाम का भुजा!

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बिहार के अगर पसंदीदा भोजन और खास पकवानों का नाम लेना हो तो सबसे पहले जबान पर लिट्टी चोखा का नाम आता है। लिट्टी चोखा बिहार की पहचान है। मगर एक और भोजन है जो बिहार में बहुत खास है, और वो है बिहार का शनिचरा भोजन! जिसके अन्तर्गत आते हैं दोपहर की खिचड़ी, और शाम का भुजा! आज हम शनिवार के दो खास व्यंजनों की बात करेंगे!

पुराने समय से कहा जाता है खिचड़ी के चार यार दही चोखा पापड़ अचार ! आजतक यह परंपरा चली आ रही है। लिट्टी चोखा के साथ साथ बिहार की खिचड़ी भी लोगों की एक खास पसंद है, जो बिहार वासियों के पसंदीदा भोजन में से एक है। बिहार में खिचड़ी चोखा बनाने का प्रचलन शनिवार को है। एक थाली में जब खिचड़ी, चोखा, अचार, पापड़ और दही हो तो भला किस बिहारी के मुंह में पानी नहीं आएगा। खाने लगे तो पर भर जाए मगर दिल कैसे भरे !

बिहार में खिचड़ी को सभी लोग बहुत पसंद करते है। और खिचड़ी का इतिहास भी बिहार , झारखंड, ओडिसा, उत्तरप्रदेश से ही जुड़ा है। मगर खिचड़ी को पूरे देश के लोग जानते हैं और बड़े चाव से खाते हैं। यहां तक कि खिचड़ी को राष्ट्रीय भोजन भी कहा जाता है। खिचड़ी ग्लोबल भोजन बन चुका है। विदेशों में भी खिचड़ी को पसंद से खाने वाले लोग हैं।खिचड़ी को राष्ट्रीय भोजन घोषित किया गया है। इसका कारण यह है कि यह भोजन गरीब अमीर सभी तबके के लोग खाते हैं। और साथ ही साथ यह त्योहार और बीमारी दोनों में बनाया जाता है। और इसे बनाने की विधि भी काफी आसान है।

मकरसंक्रांति के अवसर पर खिचड़ी बनती है। अन्य पकवानों के साथ साथ खिचड़ी भी इस त्योहार का एक महत्वपूर्ण पकवान है। ज्यादातर जगहों पर खिचड़ी को प्रसाद के रूप में भी दिया जाता है। बिहार के सरकारी स्कूलों में दोपहर के भोजन में बच्चों को खिचड़ी दी जाती है। खिचड़ी सेहत के लिए भी बहुत अच्छी होती हैं। सब्जी और दालों के मेल से बनने वाली खिचड़ी काफी पौष्टिक होती है। खिचड़ी बिहारवासियों का एक पसंदीदा भोजन है। और यह तरह तरह से बनाई जाती है। कई तरह के दाल से खिचड़ी तैयार की जाती है। किसी बीमार व्यक्ति के लिए सादी सी खिचड़ी बनती है। वहीं शनिवार के दोपहर में भोजन में खूब सारी सब्जियां डालकर , लज़ीज़ खिचड़ी तैयार की जाती है। एक तरह से कहा सकता है खिचड़ी बिहार की पहचान है।

इसी शनिचरा भोजन की दूसरी कड़ी है भुजा! जो बिहार के घर घर में शाम के वक़्त बड़े चाव से खाया जाता है:

वहीं जब शाम के भुजा की बात आती है तो खासकर बिहार में शाम के वक़्त चुरा का भुजा बनाया जाता है। हालांकि भुजा को भूंजा कहा जाता है, मगर बिहारवासियों के लिए भूंजा भुजा ही होता है! चूरा के भुजा में बादाम और प्याज डालकर उसे और टेस्टी बनाया जाता है।

बिहार के गली मोहल्ले में आपको आसानी से भुजा की छोटी दुकानें दिख जाएंगी। इसमें कई तरह से भुजा बनाया जाता है। चना, मूंग दाल ,नींबू, नामक, चूरा, मुढ़ी जैसी कई चीजों के मिश्रण से भुजा बनाया जाता है। शाम के वक़्त लोग इसे चाय के साथ खाना पसंद करते हैं। मेहमान नवाजी के लिए भी यह एक बेहतरीन व्यंजन माना जाता है!

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