सुरों की मल्लिका मैथिली ठाकुर साहित्य महाकुम्भ के मंच पर प्रस्तुति दी, सुनने पधारे मोरारी बापू

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अपनी मधुर आवाज़ से इंटरनेट सेंसेशन बन चुकी सुरों की मल्लिका मैथिलि ठाकुर ने मंगलवार को साहित्य महाकुम्भ के मंच पे भी हमेशा की तरह शानदार प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। मात्र अठारह वर्ष की मैथिलि ठाकुर राइजिंग स्टार शो की दूसरी रनरअप रह चुकी है और इस छोटी सी उम्र में ही लाखों लोगों के दिल पे राज कर रही है। मैथिलि ठाकुर अपने गायन में मैथिलि पारम्परिक लोक गीतों को खासा तवज्जो देती है।

चाहे देश के किसी कोने में रहने वाला इंसान हो, उसे मैथिलि भाषा समझ में न भी आती हो, फिर भी उसकी जादुई आवाज़ के असर से उन्हें सुनने को मजबूर हो ही जाता है। मैथिलि पहली बार सिमरिया आयीं है, और वहां उनकी भेंट हुई विश्वविख्यात राम कथा वाचक संत मोरारी बापू से। आपको बता दें की मोरारी बापू की नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन इस बार बेगुसराय के सिमरिया धाम में हुआ है। राष्ट्रकवि दिनकर के ग्राम सिमरिया में आयोजित बापू कि इस बार कि राम कथा का केंद्र ‘मानस आदिकवि’ रखा गया है। कथा के चौथे दिन मैथिलि ठाकुर ज्योंही सिमरिया पहुंचीं, सबसे पहले कथा की बाद बापू से मिलने आगयी। मैथिलि से बापू ने बातें की और मैथिलि के गाये गीतों की काफी प्रसंसा कर उन्हें आशीर्वाद दिया। इसके बाद मैथिलि ठाकुर ने शाम पांच बजे से होने वाले अपनी प्रस्तुति को लाइव देखने के लिए साहित्य महाकुम्भ के प्रांगण में आने के लिए आमंत्रित किया।

बापू ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया और मैथिलि ठाकुर को सुनने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल पे आये। मैथिलि ठाकुर की ख़ुशी इस बीच देखने लायक थी। मैथिलि ने बताया की बहुत पहले से वो बापू को यूट्यूब के माध्यम से सुनती आ रही है और उन्हें बापू से मुलाक़ात कर काफी प्रसन्नता हुई। मैथिलि ने “सइयां लेले अईया हो, आजू मिथिला नगरिया निहाल सखिया, आदि” गीत गा कर सुनने वालों को मिथिला की अनुपम साहित्य सम्पन्नता का दर्शन करवाया।

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