शनिवार के दिन करें नियम से शनिपूजन,रखें इन बातों का विशेष ध्यान

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हिन्दू धर्म में शनिवार के दिन भगवन शनि देव के पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। अकसर आपने शनिवार के दिन लोगों को शनि मंदिरों में जाते देखा होगा या पूजा अर्चना करते देखा होगा। शनिवार का दिन शनिदेव का दिन कहा जाता है इसलिए इस दिन की गई पूजा और व्रत का फल निश्चित मिलेगा अगर आप कुछ बातों का ध्यान रख उचित तरीके से पूजा करें।

वैसे ये ज़रूरी नही की शनिवार के दिन आप व्रत रख शनिदेव को प्रसन्न करें अगर आपके लिए व्रत रखना संभव नहीं तो पूजन से भी उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है। साल के किसी भी शनिवार को निश्चित करके हर शनिवार आप पूजा करें मगर इसमें कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। ऐसा करने से शनिदेव का कोप का प्रभाव काम हो जाता है और आपके दुखद वक़्त में शनिदेव आपकी निश्चित रूप से सहायता करेंगे।

आइये जानते हैं किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है।
१) शनिदेव की पूजा के लिए आपका पवित्र होना ज़रूरी है यानी सुबह ब्रह्मा मुहूर्त में उठ स्नान कर उनकी विधि विधान से पूजा करनी चाहिए।
२) शनिदेव को लाजवंती के फूल के साथ तिल ,तेल ,गुड़ निश्चित अर्पण करें।
३) शनिवार के दिन शनिदेव के नाम का तेल का दीपक जलाकर अपने भूल चूक के लिए क्षमा याचना करें।
४) शनिदेवजी की पूजा के पश्चात राहु और केतु की भी पूजा की जाती है।
५) शनिवार के दिन मंदिर अवश्य जाएं और पीपल के वृक्ष के नीचे दिया जलाकर उसमे पानी अर्पित करें और इसमें सूत्र बांधकर इसकी परिक्रमा करें।
६) शनिवार के शाम को शनिदेव के नाम से दीप जलाकर पूजा ज़रूर करनी चाहिए।
७) शनिदेव को भोग लगाने के लिए उड़द दाल की खिचड़ी बनाएं और उसे मंदिर में भोग स्वरुप लगाकर इसे प्रसाद समझ ग्रहण करें।
८) शनिवार को काली चीटियों को गुड़ और आटा डाले और सस्वयं काले रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
९) जिन लोगों पर शनिदेव का प्रकोप हो उन्हें शनिवार के दिन १०८ तुलसी के पत्तो पर श्री राम जी का नाम लिखकर ,माला बना विष्णु जी को अर्पित करना चाहिए।


शनिदेव के ये मंत्र का उच्चारण अवश्य करें –

– ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:।

– ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:

– ॐ ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:।

– कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।

– सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।

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