इंडोनेशिया में ज्‍वालामुखी विस्‍फोट के बाद आई सुनामी, 168 की मौत, 700 से अधिक घायल

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इस सुनामी की लहरों ने शनिवार रात करीब 09:30 बजे इंडोनेशिया के दक्षिण सुमात्रा और पश्चिम जावा के समुद्री क्षेत्र में कहर बरपाया.

इंडोनेशिया में शनिवार को एक बार फिर सुनामी ने कहर बरपाया है. यहां एक ज्‍वालामुखी विस्‍फोट के बाद समुद्र में आई सुनामी में करीब 168 लोगों की मौत हो गई है. साथ ही करीब 700 लोग घायल हुए हैं. कहा जा रहा है कि इस घटना में मरने वालों की संख्‍या और बढ़ सकती है. बताया जा रहा है कि ज्‍वालामुखी में विस्‍फोट के बाद समुद्र के नीचे हलचल हुई और इससे समुद्र के नीचे भूस्‍खलन हुआ. इसके कारण सुनामी की लहरें उठीं और कहर बरपाया.

इस सुनामी की लहरों ने शनिवार रात करीब 09:30 बजे इंडोनेशिया के दक्षिण सुमात्रा और पश्चिम जावा के समुद्री क्षेत्र में कहर बरपाया. इसकी चपेट में आने से कई इमारतें भी क्षतिग्रस्‍त हुई हैं. अधिकारियों ने यह सुनामी क्रैकटो ज्वालामुखी के ‘चाइल्‍ड’ कहे जाने वाले अनक क्रैकटो ज्वालामुखी के फटने से आने का अनुमान जताया है. इस घटना के बाद इंडोनेशिया की जियोलॉजिकल एजेंसी इसकी जांच में जुट गई है.

सुनामी ने कई पर्यटक बीच और तटवर्ती इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी तबाही मचाई. सुनामी के संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं हुई थी.

लोगों को बचाने के लिए खोज और बचाव का काम तेज कर दिया गया है. सुनामी की चपेट में आने से कम से कम 700 लोग घायल हुए हैं और तीन इलाकों में 30 लोग लापता बताए जा रहे हैं. टीवी चैनलों पर जावा के पश्चिमी पट पर स्थित मशहूर कारिता बीच पर हुए नुकसान की तस्वीरें भी दिखाई जा रही हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने भी आंखों देखा मंजर बयान किया है.

सुनामी के समय कारिता बीच पर मौजूद मुहम्मद बिनतांग ने बताया कि अचानक तेज लहरें उठने लगीं और अंधेरा छा गया. 15 वर्षीय बिनतांग ने कहा, “हम रात करीब नौ बजे यहां आए थे कि अचानक तेज लहरें उठने लगीं, अंधेरा छा गया और बिजली चली गई.”

इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी के वैज्ञानिकों ने कहा कि अनाक क्राकाटाओ ज्‍वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के नीचे भूस्खलन सुनामी का कारण हो सकता है. उन्होंने लहरों के उफान का कारण पूर्णिमा के चंद्रमा को भी बताया. इंडोनेशिया की भूगर्भीय एजेंसी सुनामी की असली वजह पता लगाने में जुटी है. शुरू में अधिकारियों ने दावा किया था कि यह सुनामी नहीं है और सिर्फ समुद्र में उठीं ऊंची लहरें हैं.

नुग्रोहो ने बाद में टि्वटर पर हुई गलती के लिए माफी मांगी और कहा कि क्योंकि भकूंप नहीं आया था, इसलिए शुरू में घटना का कारण पता लगाना मुश्किल था. सुनामी का सबसे ज्यादा प्रभाव जावा के बांतेन प्रांत के पांडेंगलांग क्षेत्र पर पड़ा है जहां कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई और 491 लोग घायल हुए हैं.

नुग्रोहो ने कहा कि खोज और बचाव के लिये बुरी तरह प्रभावित इलाकों में भारी मात्रा में उपकरण भेजे जा रहे हैं. इंडोनेशिया की भूगर्भीय एजेंसी के मुताबिक अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी में बीते कुछ दिनों से राख उठने की वजह से कुछ हरकत होने के संकेत मिल रहे थे.

देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता स्तुपो पुर्वो ने बताया कि शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात लगभग साढ़े नौ बजे दक्षिणी सुमात्रा और पश्चिमी जावा के पास समुद्र की ऊंची लहरें तटों को तोड़कर आगे बढ़ीं जिससे दर्जनों मकान नष्ट हो गए. बता दें कि इससे पहले सितंबर में इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में आए ताकतवर भूकंप और इससे पैदा हुई सुनामी की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 832 हो गई थी. यहां 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठी थीं और पानी द्वीप के अंदर घुस गया था.

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