इस बार यूनिक होगी बिहार बोर्ड की इंटर-मैट्रिक परीक्षा की कॉपियां, जानिए

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इस बार होने वाली मैट्रिक एवं इंटर की उत्तर पुस्तिका में बिहार विश्वविद्यालय परीक्षा समिति(बीएसईबी) ने बड़ा बदलाव किया है। जिसे देखकर छात्र से लेकर शिक्षक भी चौंक जायेंगे। बीएसईबी ने वीक्षक से लेकर परीक्षक के नियुक्त से लेकर मूल्यांकन कार्य तक कई चरणों में बदलाव किया है। जिसका सीधा असर दिखेगा।

मैट्रिक एवं इंटर की उत्तर पुस्तिका में छात्र का नाम, रोल नंबर, पंजीयन नंबर, विषय कोड, परीक्षा की तिथि, अभिभावक का नाम छपा रहेगा। उत्तर पुस्तिका के मास्टर ट्रेनर अर्धेंदु भूषण सिन्हा ने बताया कि उत्तर पुस्तिका में परीक्षार्थियों के लिए 13 कॉलम है। जिसमें परीक्षार्थियों को खुद नौ से 13 तक भरना होगा।

कॉलम नौ में प्रश्न पत्र का सेट नंबर, कॉलम 10 में प्रश्न पत्र का क्रमांक भरना है। उसके अलावा विषय एवं हस्ताक्षर का कॉलम भरना होगा। रोल नंबर एवं पंजीयन छात्र भरने में अक्सर भरने में गलती कर देते थे। जिसके कारण ज्यादा परीक्षार्थियों का रिजल्ट पेंडिंग हो जाता था। अब परीक्षार्थियों को इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा।

उसके अलावा बीएसईबी ने 10 फीसदी अतिरिक्त सादा आंसर शीट उपलब्ध करायेगा, ताकि किसी केंद्र पर किसी परीक्षार्थी का नाम से छपा उत्तर पुस्तिका नहीं पहुंच सकेगा तो उसकी परीक्षा हो सके। इतना नहीं प्रश्न पत्र का दस सेट होगा, परीक्षार्थियों को अपने उत्तर पुस्तिका में अपना प्रश्न पत्र सेट अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा।

परीक्षा के दौरान दो स्तर पर तलाशी करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जिसमें महिला परीक्षार्थियों के महिला वीक्षक, महिला केंद्राधीक्षक होना अनिवार्य कर दिया गया है। परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी चुनाव की तरह रेंडम दिया जाएगा, डीईओ को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि किसी भी सूरत में परीक्षा के दो दिन पहले वीक्षक का नियुक्त पत्र वितरित हो जाए और वीक्षक एक दिन पहले ज्वाइन कर लें।

इस बार परीक्षा शुरू होने के दस दिन पहले ही उत्तर पुस्तिका केंद्र पर पहुंच जायेगा। परीक्षा संबंधित सामग्री अलग -अलग पैकेट में रखा जाएगा जिसका रंग भी अलग-अगल होगा। केद्राधीक्षको को परीक्षार्थियों के रोल नंबर से उनके सभी विषयों की उत्तर पुस्तिका का मिलना करना होगा। उसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलेगी तो तुरंत उसकी सूचना बीएसईबी को देनी है ताकि उसमें सुधार किया जा सके।

Sources:-Dainik Jagran

 

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